नमस्कार दोस्तों मेरा नाम अरुण मौर्या है, और हम आपका स्वागत करते हैं, दोस्तों आज यह मेरा पहला ब्लॉग है, जिसमें मैं अपना परिचय देना चाहता हूं, 2005 में मैंने पहली बार इंटरनेट का इस्तेमाल किया था, और अपने हाईस्कूल का रिजल्ट देखा था, वह मेरे लिए बहुत ही आनंद दायक समय था, फिर मैं वेबसाइट के नाम लोगों से पूछता था | जहां किताबों में www. मुझे दिखता मैं उसे तुरंत नोट कर लेता था, और फिर मैं साइबर कैफे पर जाकर के उस वेबसाइट को ओपन करता था, उस समय केवल लोग Internet Explorer का इस्तेमाल करते थे, और Email के लिए YAHOO और शायद ही कोई Gmail का इस्तेमाल करता था,  हां Google का इस्तेमाल तब  तब भी बहुत प्रचलन में था, लेकिन YAHOO की भी अपनी एक मार्केट थी और वह Google के साथ अपना कंपटीशन करता था, और दोनों में ऊपर नीचे का माहौल बना रहता था, लेकिन आज Yahoo पूरे मार्केट में शायद ही Google को किसी क्षेत्र में पीछे छोड़ रहा  हो |

2002 से जब पूरे भारत में बड़े-बड़े शहरों में साइबर कैफे शुरू हो रहे थे, और मोबाइल तेजी से बढ़ रहा था |  2005 के आस-पास मोबाइल जगत में बहुत बड़ी क्रांति आई और इसमें बहुत सारी नई कंपनियां मोबाइल के क्षेत्र में आए, और इसका एक अपना नया मार्केट उभर कर आया, उस समय इंटरनेट काफी महंगा हुआ करता था, और मोबाइल में तो इंटरनेट सर्च करना तो ना के बराबर था, ना तो टेक्नोलॉजी थी, और ना ही इंटरनेट की सुविधा, मात्र GPRS की छोटी मोटी सुविधाएं मिल पाती थी, और जिसके लिए मोबाइल कंपनियां बहुत ज्यादा चार्ज करती थी |

Nokia कि जो भी मोबाइल बड़ी आई, उसमें GPRS की सुविधा बहुत अच्छी थी, लेकिन सामान्य लोगों की पहुंच से काफी दूर था, क्योंकि वह काफी महंगा पड़ता था, लेकिन बाद में इंटरनेट बहुत सस्ता हुआ | 2G तो लगभग ₹200 में अनलिमिटेड मिलने लगा लेकिन प्रॉब्लम यह थी, कि उसमें कोई स्पीड नहीं थी और ना ही लोगों के पास ऐसी मोबाइल टेक्नोलॉजी थी, जिसमें लोग अच्छे तरीके से इंटरनेट सर्च कर पाते हैं, तो यह प्रॉब्लम दोनों तरफ से थी, एक तो मोबाइल कंपनियों की तरफ से भी थी, और लोगों के पास ऐसी टेक्नोलॉजी खरीदने की क्षमता भी केवल गिने चुने लोगों के पास होती थी |जिसमें वह इंटरनेट सर्च कर पाते,  मोबाइल केवल बात करने का साधन था, लेकिन आज मोबाइल पूरा सूचना प्रौद्योगिकी का क्षेत्र बन चुका है |

मोबाइल के क्षेत्र में Nokia ने पूरे भारत में कब्जा किया और ‘कनेक्टिंग पीपल’ का tag लोगों को बहुत पसंद आया, और मोबाइल खरीदने के लिए अगर कोई सोचता था, तो केवल यही कहता था,  Nokia ले लो | Nokia ने बहुत अच्छे-अच्छे फोन भी लॉन्च किए और काफी जो सस्ते भी हुआ करते थे | तो पहले GPRS तो बात ही छोड़ दीजिए लोग यह कहते थे,  कि आपका फोन ब्लैक एंड वाइट है या फिर कलर, Nokia 1600 मार्केट में आया तो उसने अपनी एक अलग पहचान बनाई | 

Google का आज मोबाइल के क्षेत्र में बहुत बड़ा हिस्सा बन चुका है, जिसे हम लोग Android के नाम से जान रहे हैं, तब शायद ही कोई कह सकता था एक समय ऐसा आएगा जब Nokia खत्म हो जाएगा,कोई यह सोच भी नहीं सकता था, क्योंकि Nokia का इतना बड़ा मार्केट था, लेकिन Google का Android आने से बहुत सारी कंपनियां मार्केट में आ गई,और Google का जो Android Open Source होने की वजह से मार्केट में तेजी से बड़ा, और इससे फायदा यह हुआ कि Google की बहुत सारी सुविधाएं सरल, आसान और सुविधाजनक रूप से लोगों को मिलने लगी, और इसमें Open source होने से बहुत सारी कंपनियां मार्केट में आ गई, और वह अपना वर्चस्व कायम करने लगी,  अब लोगों को मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए कोई परेशानी भी नहीं होती| क्योंकि सारी कंपनियां Google Android बेचने लगे यही Nokia के पतन का कारण भी बना,  क्योंकि Nokia की कॉस्ट काफी महंगी पड़ने लगी, और वह Grow  भी नहीं कर पाई, और उसने Google Android को  स्वीकार नहीं किया, यह भी एक कारण रहा Nokia मार्केट से गायब होने का |

यह सत्य है कि जब भी नई तकनीकी मार्केट में आती है तो एक नया बाज़ार उत्पन्न होता है, लेकिन उसके प्रभाव से कुछ बाजार समाप्त भी होते हैं, लेकिन अब इसे अस्वीकार भी नहीं किया जा सकता कि, इसको लेकर के कुछ लोगों का व्यापार बंद हो रहा है |  अगर हम आज व्यापार का नाम ले तो इंटरनेट अपने आप आ जाता है, क्योंकि इसके बिना शायद ही व्यापार आज संभव है,  M-Commerce का प्रचार बढ़ा,  2000 गुना तेजी से E-commerce का व्यापार बढ़ा,  जिसके पीछे कहीं न कहीं तकनीक में इंटरनेट के महत्व का बढ़ना ही है|

तो हम अपने ब्लॉग की शुरुआत करने जा रहे हैं,  वह E-commerce और वेबसाइट से ही संबंधित होगा चाहे वह ब्लॉक हो, या फिर कोई वेबसाइट हम E-commerce को अच्छी तरह से जानने का प्रयास करेंगे, और वेबसाइट से जुड़ी Technology का भी विश्लेषण करेंगे, चाहे वह Website or Blog की Hosting से संबंधित हो, या फिर Domain Name या फिर Website Designing संबंधित हो |

हम यह भी जानेंगे कि वेबसाइटों ट्रैफिक Monitization  किस तरह होता है, चाहे वह ट्रैफिक किसी वेबसाइट या ब्लॉग की हो,  या फिर किसी सोशल मीडिया जैसे ( YouTube Facebook Twitter या Instagram) की  हो | हम यह भी जानेंगे कि Affiliate Market क्या होता है और यह किस तरह से काम करता है हम WordPress के बारे में अच्छे से देखेंगे कि, क्यों वर्डप्रेस इतना Popular हुआ और आज पूरी दुनिया में WordPress की  लगभग 30% वेबसाइट हैं | आज हम शुरू करेंगे अपने Blog  अपनी भाषा में, और जानेंगे क्या है और आज के समय में इन विषयों का क्या महत्व है |

Pin It on Pinterest

Share This